मंगलवार, 4 मई 2010

दिल्ली के ये आतंकवादी Resident Welfare Association -------?


आज मैं  दिल्ली के मुख्यमंत्री,उपराज्यपाल और दिल्ली पुलिस के मुखिया का ध्यान दिल्ली के उस सामाजिक आतंकवाद  कि ओर दिलाने जा रहा हूँ , जो किसी आतंकवादी वारदात से भी ज्यादा आतंकित करता है, समाज को /

आप लोगों ने Resident Welfare Association का नाम तो सुना होगा / इसका अस्तित्व एक  गैरराजनीतिक संस्था के रूप में ,जिसका काम नागरिक अधिकारों कि रक्षा ,मूलभूत सुविधाओं को सरकार के सामने संगठित होकर रखने ,निवासियों के सामूहिक कल्याण ,सामाजिक न्याय के लिए सार्थक प्रयास जैसे और भी कई अच्छे उद्देश्यों के लिए हुआ था /

लेकिन हमने जब दील्ली के  इन Resident Welfare Association के कार्य और जमीनी हकीकत जानने का प्रयास किया तो ऐसे तथ्य सामने आये जो किसी भी सभ्य समाज के लिए बदनुमा दाग और देश को सामाजिक स्तर पर बेहद कमजोर करने तथा इमानदार और न्यायप्रिय नागरिकों को आतंकित करने वाला ही कहा जायेगा /

हमने अपने अभियान में पाया कि ये निवासियों के कल्याण के लिए बने Resident Welfare Association दरअसल निवासियों के लिए किसी आतंकवादी से कम नहीं /  

हमने पाया कि ज्यादातर इन Association के कर्ताधर्ता ऐसे लोग हैं, जिनका कानून तथा पारदर्शिता के प्रति ना तो कोई सम्मान है और ना ही ये ऐसा चाहते हैं / सुरक्षा व्यवस्था को पहले तो इनके द्वारा असुरक्षित और आतंकित बनाया जाता है फिर निवासियों से सुरक्षा के नाम पर ये लोग मोटी माशिक शुल्क उसूलते हैं / यही नहीं इन Association के पदों पर बैठे पदाधिकारी कई सालों से चुनाव के जरिये बदलने कि वयवस्था होते हुए भी जमे हुए हैं / जब हमने इसका कारण जानने के लिए निवासियों से पूछा तो ,उन्होंने बताया कि ये पाँच दस लोग मिलकर कोई भी फैसला ले लेते हैं और सारे  Resident को उसे मजबूरी में मानना परता है / अगर कोई इनके फैसले पे असहमति भी जताता है तो ये पाँच दस लोग उस व्यक्ति को सामाजिक बहिष्कार,सामाजिक मानसिक प्रतारणा जैसे उसके घर के सामने जमा होकर अनाप सनाप बोलना ,उसके घर के सामने अपनी गाड़ी  खरी कर देना ,उसके घर के सामने गाड़ी का होर्न जोर-जोर से बजाना ,गाड़ी के रिमोट से बार-बार आवाज निकालना इत्यादि तरीकों से उसे परेशान करने का काम करते है /  

ऐसे परेशानियों से बचने के लिए लोग इनकी ह़र जायज नाजायज मांग के सामने झुक कर ,उसे मान लेते हैं / यही नहीं इनकी जो सभा होती है उसमे 10 से 15 प्रतिशत लोग भी मौजूद नहीं रहते हैं, क्योंकि लोग इनकी सभा में आ भी जाएँ तो, ये लोग किसी से राय-मशविरा कर कोई निर्णय लेना जरूरी नहीं समझते हैं और अगर कोई जोरदार ढंग से अपनी बात रखना चाहता है तो ,उसकी उसी सभा में कुतर्क देकर बेइज्जत्ति कि जाती है / अगर कोई इसके खिलाप कानूनी कार्यवाही करता है तो ,ये निहायत ही गिरे हुए लोग उस व्यक्ति को बड़ी चालाकी के गैरकानूनी तरीकों से इतना परेशान करते हैं कि कहिं-कहिं Resident अपना दुखरा सुनाते हुए रो परे / 

यही नहीं इनकी किसी भी बात से असहमति रखने वाले Resident से अगर कोई बोलता भी है या उसके घर जाता है तो, ये आतंकवादी रूपी ,इंसान के रूप में हैवान लोग उस व्यक्ति को भी बिना किसी मुद्दे के गाली-गलौज कर अपमानित करने का कोई भी मौका नहीं छोरते / ये लोग वैसे निवासियों को ज्यादा परेशान करते हैं जो सत्य,न्यायप्रिय हैं और जिनका एक दो बड़ा लड़का नहीं है / जिनके एक दो बड़े लड़के हैं उनको ये कम परेशान करते हैं /

जो निवासी इनकी आतंक से परेशान होकर इनका सदस्य नहीं बना रहना चाहता है और इनको मासिक शुल्क देना बंद कर देता है उनको पहले तो ये लोग यह कह कर डराते हैं कि ,"कैसे नहीं देगा,उसूल लेंगे"और जो इनकी इस धमकी से डर कर भी नहीं देता है ,वैसे व्यक्ति का ये लोग जीना मुहाल कर देते हैं / 

यही नहीं हमने पाया कि ये लोग अवैध निर्माण,फर्जी अलाटमेंट,PWD ,DDA तथा और भी किसी प्रकार के सार्वजनिक निर्माण या व्यवस्था कि अनियमितताओं जैसे भर्ष्टाचार में पूरी तरह शामिल होकर उसमे से हिस्सा भी खाने का काम करते हैं / इनको निवासियों के हर सुख- दुःख से संपर्क जोड़ने का काम करना था ,उसकी जगह,  इनका संपर्क हर विभाग के भ्रष्ट अधिकारियों से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है /  

 इन Resident Welfare Association के  ज्यादातर पदाधिकारी गैर कानूनी धंधों में शामिल हैं ,और अपनी कानूनी सुरक्षा के ढाल के रूप में Association के पद को इस्तेमाल करने के साथ-साथ निवासियों के पैसे से रखे गए निजी सुरक्षा गार्डों का भी इस्तेमाल करते हैं / दरअसल निवासियों को सुरक्षा देने के नाम पर ये अपराधी किस्म के लोग इन Association का इस्तेमाल अपनी सुरक्षा के लिए करते हैं और निवासियों पर बिना वजह मासिक शुल्क का भार पर जाता है / हमने यह भी पाया कि Association के पद के आर में ये ,बिजली भी चोरी का इस्तेमाल करते हैं और गेट पर खरे निजी सुरक्षा गार्ड को यह हिदायत दे कर रखते है कि ,कोई बिजली कि जाँच वाला आये तो ,उसे गेटे पर खड़ा कर पहले इनको सूचित करे, जिससे ये अपना चोरी कि डायरेक्ट कनेक्सन को हटा सके / 

कुल मिलाकर यह कहा जा जा सकता है कि इन Resident Welfare Association ने दिल्ली कि जनता के मौलिक अधिकारों,कानूनी मर्यादाओं ,सामाजिक सदभाव ,आपसी सहयोग और निवासियों कि व्यक्तिगत स्वतंत्रता को पूरी तरह बंधक बनाकर लोगों को इतना आतंकित कर दिया है कि कुछ लोगों ने तो इस स्थिति से अच्छा आत्महत्या कर लेने को बताया ? वहीँ कुछ लोगों ने आर-पार कि लड़ाई के उग्र रूप में जैसे मुंबई में गोली चलने और इन Association के सभा में मारपीट  तक हुई, वैसी ही दिल्ली में स्थिति बन रही है,ऐसा बताया /

लोगों से जब हमने इस स्थिति के समाधान के बारे में पूछा तो लोगो ने जो सुझाव दिए ,वह इस प्रकार है - लोगों का कहना था कि, ये Association अपने पदाधिकारियों का चुनाव कम से कम 70 % निवासियों के मतदान या आम सहमती के आधार पर करे , मासिक शुल्क कि पहले जरूरत के आधार पर रूपरेखा तैयार कर ,निवासियों के विचार और सुझाव लिए जाएँ ,उसके बाद 70% कि आम सहमती से उसे लागु किया जाय , दो पड़ोसियों के बिच उठे किसी भी विवाद को पहले Association के स्तर पर पंच परमेश्वर के आधार पर न्यायसंगत फैसले लिए जायें,खर्चों का मासिक व्योरा सूचना पट्ट पर लगाया जाय,Association के पद पर दुबारा पद के लिए कोई पदाधिकारी तभी नामांकन करे जब निवासियों में से सभी लोग लिखित में ये दे दे कि हम में से कोई नहीं बनना चाहता है ,अगर कोई निवासी मासिक शुल्क नहीं देता है तो ,उसके खिलाफ कानूनी कार्यवाही कि जाय ना कि अमानवीय प्रतारणा देकर या आतंकित कर उससे मासिक शुल्क उसूला जाय  ,Association निवासियों के हर लिखित शिकायत का जवाब एक महीने के भीतर लिखित में निवासियों को दे ,मासिक और सुरक्षा शुल्क का निर्धारण सुविधा के उपयोग के आधार पर हो ना कि एक कार वाले से जितना लिया जाता हो ,उतना चार कार वाले से भी लिया जाय ,ऐसा करना एक कार वाले के साथ अन्याय करने के बराबर है और सबसे महत्वपूर्ण सुझाव जो लोगों ने दिए वह था कि हर Association के लिए साल में एक बार हर निवासी से Association के अपने कार्यों का समीक्षात्मक रिपोर्ट लिखित में लेना और उसे सोसाइटी  रजिस्ट्रार  के पास जमा करवाना अनिवार्य कर दिया जाय ,जिससे इनके कार्यप्रणाली का पता चल सके और समीक्षा कि जा सके  / 

उपर्युक्त बातों को देखते हुए ,यह कहा जा सकता है कि दिल्ली में इन Resident Welfare Association ने आतंक का माहौल बना रखा है ,जिससे कभी भी सामाजिक विस्फोट कि स्थिति बन सकती है / अतः हमारा आग्रह है ---दिल्ली के कानून और दिल्ली के नागरिकों के मानवीय अधिकारों कि रक्षा के लिए जिम्मेवार ,दिल्ली के मुख्यमंत्री ,उपराज्यपाल और दिल्ली पुलिस के मुखिया से कि ,जल्द से जल्द इन Resident Welfare Association कि जाँच कर जमीनी हकीकत का निरिक्षण करें और आवश्यक मूलभूत सुधार के लिए जरूरी उपाय करें / साथ ही दिल्ली के हर थाने से रिपोर्ट मंगवाकर यह देखें कि अगर किसी निवासी को प्रतारित करने कि शिकायत है तो सम्बंधित Resident Welfare Association के पदाधिकारियों पर जाँच बैठाकर सख्त से सख्त कार्यवाही करें / मासिक शुल्क उसूलने के लिए लोगों को आतंकित करना और प्रतारणा देना जघन्य अपराध कि परिभाषा में आता है / 

आप ब्लोगरों से भी हमारा आग्रह है कि ,अगर आपने भी कहीं ऐसा महसूस किया या इस प्रकार कि परेशानियों को  झेला है तो ,कृपा कर इस ब्लॉग पर लिखें या हमसे संपर्क करें /   
    

9 टिप्‍पणियां:

  1. आपकी चिंता वाज़िब है. दिल्ली के यह RWAs आमतौर से Societies Act के अंतर्गत रजिस्टर्ड होती हैं. इनकी मनमानी के ख़िलाफ़ रजिस्ट्रार आफ सोसायटीज़, संसद मार्ग, नई दिल्ली के यहां अपील फ़ाईल की जा सकती है. रजिस्ट्रार इनके निर्णयों को रट्द कर सकता है.रजिस्ट्रार मैनेजिंग कमेटी को भंग कर सकता है. प्रशासक नियुक्त कर सकता है. रजिस्ट्रार के आदेश के विरूद्ध ट्राइब्यूनल में केस दायर हो सकता है.

    RWAs के पास निर्णयों को ज़बरदस्ती enforce करने के कोई अधिकार नहीं होते. Enforcement के अधिकार रजिस्ट्रार/ पुलिस के पास हैं. ज़बरदस्ती के ख़िलाफ़ IPC की धाराएं सक्षम हैं. बस आमतौर से लोग इसलिए चुप रहते हैं कि कौन माथा फोड़े, इसी का लाभ ये तथाकथित पदाधिकारी उठाते हैं. यह गुंडई है, इसके खिलाफ़ चुप बैठने से ही ये शेर बने घूमते हैं. इनके कान के नीचे बजाने से ही ये बाज आते हैं.

    उत्तर देंहटाएं
  2. अब आम लोग इन गुंडो से बचते है, ओर चुप रहते है जो बहुत गलत है, अगर सब मिल कर एक बार खडे हो ओर इन की भाषा मै ही बात करे तो... देखे केसे नही यह सीधे होते.... लेकिन लोगो मै एकता की कमी है

    उत्तर देंहटाएं
  3. apkaa lekh bahut hi waajib hai ,waastv me resident welfare association ke padaadhikaari kisi bhi aatankwaadi se kam nahi hai ,ye sabhi tarah se apni colony ke sadsyon kaa shoshan karte hain yadi koi aadmi inki complaint aadi kartaa hai to ye uskaa jeenaa haraam kar dete hai ,or jo log bahar se aakar plot yaa makaan kharidte hain unse to ye manmaane tarike se rupye vasool karte hain r,w,a ,fund ke naam se
    sarkaari adhikari yaa pulish tak bhi inke samne jhukti hai kyonki jo bhio inke against jata hai uski complaint karnaa to inka mukhy kaam hain ,main bhi bhukt bhogi hun yaddypi maine inse khoob ladaai ladi par koi bhi mere saath nahi aayaa jaise hi maine bijli ,paani connection without n,o,c,ke sanction karaaye to mujhse pahle unke chamchon ne lagwaa liye or kisi ne aaj tak meraa dhanywaad bhinahi kiyaa ,hamare desh me shairon ki sankhyaa ghatti jaa rahi hai or geedad bahut ho gaye hai

    उत्तर देंहटाएं
  4. aapne ek kaduve sach ko samne rakhaa hai.bahut samay se aisa hota chala ja raha hai. janta aisehi dabango ke paanv tale kuchli ja rahi hai,koi bolane ki koshish kare to uska muha band kar diya jata hai.ya to paisa dekar ya jaan lekar.
    poonam

    उत्तर देंहटाएं
  5. ऐसे निकृष्टोँ के नाम भी उजागर हों ।

    उत्तर देंहटाएं
  6. Jainam Planet Residential Association,Raipur has same activity,Builder Promote non flat owner as promoter.Lalu-Rabri pattern applied here.Dummy person appointed by the builder & the same manage by her husband & some of their friends

    उत्तर देंहटाएं