सोमवार, 31 मई 2010

जरा बचके ,जरा हटके --चारों तरफ हैं ठग ही ठग ......ये है INDIA मेरी जान !!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!

 

स्मार्ट आप नहीं स्मार्ट ये लोग हैं!संभलकर आज आपकी जेब कट जाएगी!


बहुत अफ़सोस कि बात है कि अब मार्केटिंग के लुटेरों के साथ मिलकर मीडिया हाउस भी लोगों कि जेबें काट रहे हैं।

आज एक राष्टीय हिंदी अखबार मैं यह विज्ञापन आया कि इंटेल वाले और हम कुछ 'स्मार्ट' परिवारों कि कहानी छापेंगे ,जिनके जीवन मैं कम्प्यूटर ने काफी योगदान किया हो.मेरी पत्नी ने दिए गए 'की वर्ड ' SMART को टाइप किया ,और दिए नंबर पर SMS कर दिया.विज्ञापन मैं कहा गया है कि आपके SMS को पढ़कर हम आपको कॉल करेंगे .मगर SMS करने पर ३ रूपए तो कट गए साथ मैं जवाब आया कि आपका की वर्ड ग़लत है.यानि वह ३ रुपये तो गए 'लुटेरों' कि जेब मैं .इसके baad खुद मैने अप्ने मोबाइल से एसेमेस किये ,लेकिन वही 3 रुपये हर बार गये ,और जवाब यय कि गलत की वर्ड है. इस तरह मैं आज सुबह ३ बार 'लुटा'. तो इंटेल के इस गुमराह करने वाले विज्ञापन से सावधान !
इसी तरह हाल ही मैं एक बड़े मीडिया हाउस ने,जो लोगों को सामन बेचने कि दूकान भी चलाता है,के लोगों ने मुझे कॉल किया कि आपको हम आपके बुक कराये सामान के साथ ३० हज़ार रूपए का केश चेक गिफ्ट मैं भेज रहे हैं.आप अगर १५-२० हज़ार कि कोई और चीज़ हामारे यहाँ से बुक कर लें तो वोह तो आपको फ्री पड़ेगी ही साथ मैं कुछ और भी रूपए मिल जायेंगे क्यूंकि हम आपको सामन के साथ आपका ईनाम मैं निकला ३० हज़ार रूपए का चेक भेज रहे हैं.मैंने २० हज़ार का सामा का पेमेंट अपने क्रेडिट कार्ड से तुरंत कर दिया .अगले दिन मुझे कुछ शक हुआ तो मैंने दिए गए नंबर पर अपने ३० हज़ार रुपये के केच चेक के आने के बारे मैं पता किया तो हुआ किउनके यहाँ ऐसी कोई गिफ्ट स्कीम नहीं है ,यह हमारी मार्केटिंग स्ट्रेटेजी थी.मैंने इसलिएभरोसा किया था कि जो कंपनी यह सामान बेचने का काम करती हैवह बहुत सम्माननीय मीडिया हाउस है.मैंने बहुत मेल इस बारे मैं उस कंपनी को किये .मुझे मेल से इन्होने रिफंड का वादा भी किया ,मगर मुझे रिफंड तो नहीं ,आईसीआईसीआई बैंक कि किश्तों के बिल ज़रूर मिलते हैं,जो में अब तक चुका रहा हूँ!
तो क्या इस बात से यह हिसाब लगाय जाये कि मार्केटिंग के 'लुटेरों' को पकड़ने वाला मीडिया भी अब उन्के साथ हो लिया है?

9 टिप्‍पणियां:

  1. बहुत ही दुखद घटना और इस तरफ हमारा ध्यान दिलाने के लिए साधुवाद! झा जी नज़र दौड़ाएंगे तो चारो तरफ चोर और लूट-खसौट फ़ैलाने वाले ही नज़र आएँगे. पता नहीं यह उपभोक्तावाद हमें कहाँ लेजाकर छोड़ेगा.

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  2. लुटेरों की इस बस्ती में है
    जो नहीं लुटे तो अचम्भा है

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  3. you have raised a burning issue. the Mobile operator in connivance with other compnaies are looting people

    but no body is opposing this , even TRAI is silent

    why why why????????????????????????????????

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  4. कदम कदम पर लुटेरे हैं
    डाकुओं राहजनों के डेरे हैं
    ढुढता हुँ उनको जो बचे
    कैसे महफ़ूज़ वे बसेरे हैं

    बस लुट ही रहे हैं जय भाई और लुटते ही रहेंगे
    जहां बहरा और गुंगा हाकिम होगा लुटते ही रहेंगे

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  5. सब से बडी गलती हम लोगो की है, जो हम लालच मै फ़ंस जाते है, ओर इन की बातो मै आ कर ठगे जाते है, मै हमेशा ही ऎसे प्रलोभनओ को नजर अंदाज करता हुं, अगर हम लालच ना करे तो हम फ़ंस नही सकते यानि लालच बुरी बला है... आप की यह पोस्ट बहुत से लोगो को सावधान करेगी, लेकिन जिस ने फ़ंसना है वो जरुर फ़ंसेंगा.
    धन्यवाद

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  6. भाटिया साहब आपकी बात ठीक है की लोभ लालच भी इसकी वजह है ,लेकिन ये लोग अगर लोगों के विश्वास को ही लूटने का हथियार बना लें और उसमे मिडिया के हैवानी लोगों को और मोबाइल कंपनियों को भी साजिश में सामिल करले और सरकार व इस पर निगरानी रखने वाली TRI व अन्य व्यवस्था हाथ पर हाथ धरी देखती रहे तो निश्चय ही ये बेहद शर्मनाक है और ऐसे स्थिति में तो भोले-भले क्या बेहद इमानदार और बुद्धिजीवी भी फंस जाएँ तो कोई आश्चर्य नहीं ? और यहाँ भी एक बेहद इमानदार और शरीफ व्यक्ति हमारे मशहूर कार्टूनिस्ट इरफ़ान भाई को लूटेरों ने लूटा है ,लूटेरों ने इरफ़ान भाई को नहीं बल्कि उनके विश्वास को लूटने का प्रयास किया है जो बेहद खतरनाक है इंसानियत के लिए |

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  7. लुटेरों की इस बस्ती में है
    जो नहीं लुटे तो अचम्भा है.......

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  8. लालच बुरी बला है..बहुत अफसोसजनक!

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  9. थोड़ी सी जागरूकता से ठगी का गोरखधंधा रोका जा सकता है।

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